PPR Vaccination- छत्तीसगढ़ की योजना को मिली राष्ट्रीय मान्यता

पशु संदेश, भोपाल | 13 मई 2017 

नीति आयोग भारत सरकार ने देश के विभिन्न राज्यों में संचालित सर्वोत्तम योजनाओं में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित बकरी-प्लेग टीकाकरण (PPR Vaccination) योजना को सम्मलित किया है | देश के सभी राज्यों के समस्त विभागों में संचालित सर्वोत्तम योजनाओं को संकलित कर “स्टेट फॉरवर्ड” नाम से नीति आयोग द्वारा प्रकाशित पुस्तक में पशु पालन क्षेत्र से देश में एकमात्र इसी योजना ने जगह बनाई है |

नीति आयोग द्वारा प्रकाशित पुस्तक इस पुस्तक की प्रस्तावना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा है “मैं एक प्रतिस्पर्धी एवं सहयोगी संघीय व्यवस्था की अवधारणा का श्रृजन करने का प्रयास कर रहा हूँ ताकी राज्य सरकारों के बीच उनके आर्थिक विकास को लेकर प्रतिस्पर्धा की भावना जगा सकूँ” | वास्तव में कई छोटे एवं तुलनात्मक रूप से पिछड़े राज्यों में भी एैसी कई जनकल्याणकरी योजनायें संचालित होती हैं, जो देश के लिए एक मिसाल साबित हो सकती हैं |

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर वर्ष 2010 से संचालित बकरी-प्लेग टीकाकरण (PPR Vaccination) योजना  के तहत किये गए सघन टीकाकरण कार्य से विगत 4 वर्षों से छत्तीसगढ़ में इस बीमारी का एक भी मामला सामने नहीं आया है | बकरियों में पाये जाने प्रमुख रोगों में से एक PPR (बकरी-प्लेग) में बकरियों की म्रत्यु दर 70 से 80 प्रतिशत तक दर्ज की जाती है, जिससे बकरी पलकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है |

प्रतिवर्ष 12 दिनों तक चलने वाले PPR Vaccination अभियान की जानकारी दूरस्त अंचलों में निवासरत अधिक से अधिक बकरी पालकों तक पहुँचाने के लिए अभियान से पूर्व राज्य सरकार द्वारा विभिन्न प्रसार माध्यमों से इसका जोरदार प्रचार-प्रसार किया जाता है | अभियान के मुख्य चरण में पशु पालन विभाग के समस्त पशु चिकित्सकों तथा पैरा वेटरनरी स्टाफ द्वारा प्रदेश के सभी ग्रामों में किसान के द्वार पर जाकर बकरियों का टीकाकरण किया जाता है | टीकाकरणकरण अभियान की सफलता जानने हेतू अभियान समाप्त होने के 21 दिन बाद 0.10% बकरियों के ब्लड सेम्पेल्स को जाँच के लिए IVRI की मुक्तेश्वर लैब में भेजा जाता है | लैब की रिपोर्ट्स ने विगत वर्षों में इसमें 78 से 82 प्रतिशत सफलता की पुष्टी की है |

इस योजना के सफल संचालन के पीछे छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री ब्रज मोहन अग्रवाल की मुख्य भूमिका रही है | अभियान में जन भागीदारी सुनिश्चित करने हेतू कृषी मंत्री द्वारा राज्य के सभी सरपंचों एवं जिला पंचायत अध्यक्षों को अभियानपूर्व अपील संदेश भेजा जाता है | इसके साथ ही अपर मुख्य सचिव एवं कृषी उत्पादन आयुक्त छत्तीसगढ़ द्वारा भी उचित माध्यम से राज्य के सभी कलेक्टरों एवं सी.ई.ओ. जिला पंचायतों को अभियान के सफल संचालन हेतू आवश्यक निर्देश प्रसारित किये जाते हैं |

छत्तीसगढ़ की इस योजना को नीति आयोग द्वारा देश की 13 कृषि आधारित अनुकरणीय योजनाओं में सम्मलित किये जाने पर अपर मुख्य सचिव एवं कृषी उत्पादन आयुक्त छत्तीसगढ़ अजय सिंह ने संचालक पशु चिकित्सा सेवायें डॉ एस के पाण्ड्या, उनके संचालनालयीन स्टाफ तथा मैदानी अमले को इस सफलता के लिए बधाई देते हुए शुभकामनाएं दी हैं |