झारखंड में डेरी को मिला कृषि का दर्जा

पशु संदेश, भोपाल | 31 जनवरी 2017 

झारखंड में डेरी व्यसाय से जुड़े हुए लोगों के लिए खुशखबरी है | झारखंड में डेरी को अब कृषि का दर्जा मिल गया है | शुक्रवार को राज्य कैबिनेट की बैठक में रघुवर सरकार ने कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की ओर से इस संबंध में लाये गये प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है | अब राज्य के दुग्ध उत्पादकों को भी किसानों को प्राप्त होने वाली सभी सुविधाएं मिलेंगी | राज्य को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने तथा कृषि के क्षेत्र में अपेक्षित विकास दर को प्राप्त करने के उद्देश्य से झारखंड सरकार ने राज्य में डेरी को कृषि का दर्जा दिया है|

इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए राज्य के कैबिनेट सेक्रेटरी सुरेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि डेरी को कृषि का दर्जा दिये जाने से दुग्ध उत्पादन करने वाले किसानों को डेरी के लिए कृषि दर पर बैंकों से ऋण मिल सकेगा तथा उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी मिलेगी | बैंकों को भी डेरी के लिए प्रायोरिटी सेक्टर में ऋण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया जाएगा और अन्य फायदे में भी मिलेंगे | वर्तमान में बैंक डेरी के लिए 12 प्रतिशत ब्याज दर पर लोन देते हैं, इस निर्णय के बाद डेरी के लिए भी ब्याज की दर 4 प्रतिशत हो जायेगी | इसके अलावा डेरी व्यवसाय के लिए भी कृषि कार्य हेतु निर्धारित दर पर बिजली उपलब्ध होगी |