IAS को डायरेक्टर बनाये जाने से नाराज झारखंड के पशु चिकित्सक

पशु संदेश, भोपाल | 28 अप्रैल 2017  

झारखंड में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी को पशुपालन निदेशक का प्रभार दिये जाने से राज्य के पशु चिकित्सक नाराज हैं | पिछले एक वर्ष में राज्य सरकार ने दूसरी बार विभागीय अधिकारी को हटा कर पशुपालन निदेशक के पद का प्रभार किसी आईएएस अधिकारी को सोंपा है | झारखंड के पशु चिकित्सक किसी विभागीय अधिकारी को ही पशुपालन विभाग का डायरेक्टर बनाये जाने के पक्ष में हैं |

राज्य सरकार ने इसी माह पशु चिकित्सक डॉ रजनीकांत तिर्की को डायरेक्टर वेटरनरी सर्विसेज के पद से हटा कर आईएएस अधिकारी विजय कुमार को पशु पालन विभाग का प्रभारी डायरेक्टर नियुक्त किया है | सरकार के इस निर्णय से आहत होकर पशुपालन विभाग के तत्कालीन डायरेक्टर डॉ रजनीकांत तिर्की ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन किया था | अब साथी चिकित्सकों के अनुरोध पर उन्होंने आवेदन वापस ले कर विभाग में रहते हुए ही अपने अधिकारों के लिए लड़ने का फैसला किया है |

इसके पूर्व पिछले वर्ष भी सरकार ने डॉ रजनीकांत तिर्की को हटा कर भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी राजीव कुमार को पशुपालन निदेशक का प्रभार दिया था | सरकार के इस निर्णय को डॉ तिर्की ने कोर्ट में चुनौती दी थी | अदालत द्वारा डॉ तिर्की के पक्ष में फैसला दिये जाने के बाद सरकार को अपना निर्णय वापस लेना पड़ा था | इस बार भी डॉ रजनीकांत तिर्की ने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है |

यह है पूरा मामला

झारखंड में पशुपालन विभाग की पूर्व सेवा नियुक्ति प्रोन्नति नियमावली (2011) में पशुपालन निदेशक का पद गैर संवर्गीय (non cadre) था | इसी आधार पर पश्चिम बंगाल के अधिकारी डॉ आनंद गोपाल बंदोपाध्याय का चयन राज्य के पशुपालन निदेशक के पद पर हुआ था | डॉ बंदोपाध्याय का कार्यकाल समाप्त होने के बाद विभाग ने नयी सेवा नियुक्ति प्रोन्नति नियमावली (2013) तैयार की, जिसमें पशुपालन निदेशक के पद को संवर्गीय (cadre) कर दिया गया | इस बदला‌‌व के बाद वर्ष 2013 में राज्य पशुपालन विभाग के अधिकारी डॉ रजनीकांत तिर्की को विभाग का प्रभारी निदेशक बनाया गया था |

पिछले वर्ष  2016 में राज्य सरकार ने आदेश जारी कर डॉ रजनीकांत तिर्की को हटा कर भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी राजीव कुमार को पशुपालन निदेशक का प्रभार दे दिया | इस आदेश को डॉ तिर्की ने न्यायालय में चुनौती दी और  न्यायालय ने डॉ तिर्की के पक्ष में फैसला दिया | अदालत के फैसले के बाद सरकार को राजीव कुमार को पशुपालन निदेशक बनाये जाने की अधिसूचना रद्द करनी पडी, और एक बार फिर डॉ रजनीकांत तिर्की को विभाग का प्रभारी निदेशक बनाया गया | यह सब जब हुआ उस वक्त पशुपालन निदेशक का पद संवर्गीय था | 

इस घटनाक्रम के बाद राज्य सरकार ने दिसम्बर 2016 में पशुपालन विभाग की सेवा नियुक्ति प्रोन्नति नियमावली में एक बार फिर बदलाव किया | दिसम्बर 2016 में बने नये नियमों के अनुसार  स्नातकोत्तर योग्यता वाला पशु चिकित्सक ही राज्य में निदेशक पशुपालन बन सकता है | नई नियमावली में पशुपालन निदेशक के पद को फिर से गैर संवर्गीय कर दिया गया है | नये नियमों में निदेशक का पद गैर संवर्गीय होने से अब पशुपालन विभाग के बाहर के अधिकारी भी राज्य में निदेशक पशुपालन बन सकते हैं |

नये नियमों के बनने के बाद राज्य सरकार ने निदेशक पशुपालन विभाग के पद पर नियुक्ति के लिए उम्मीदवार के चयन हेतू झारखंड लोक सेवा आयोग को प्रस्ताव भेजा है | राज्य सरकार के इस प्रस्ताव पर झारखंड लोक सेवा आयोग की तरफ से अभी तक कोई सकरात्मतक जवाब नहीं आया है | इसी बीच राज्य सरकार ने 12 अप्रैल 2017 को डॉ रजनीकांत तिर्की को डायरेक्टर वेटरनरी सर्विसेज के पद से हटा कर आईएएस अधिकारी विजय कुमार को पशु पालन विभाग का प्रभारी डायरेक्टर नियुक्त किया है |