GADVASU ने दिखाया वेटरनरी टूरिज्म का रास्ता

पशु संदेश, लुधियाना | 10 फ़रवरी 2017

हमारे देश में कम कीमत पर उपलब्ध विश्वस्तरीय पशु चिकित्सा सेवाओं के चलते, विदेशी भी अपने पेट्स के उपचार के लिए भारत का रुख करने लगे हैं |लुधियाना स्थित गुरु अंगद देव वेटरनरी यूनिवर्सिटी (GADVASU) के रास्ते वेटरनरी टूरिज्म ने हमारे देश में कदम रख दिया है| फ्रांस के मुकाबले एक तिहाई कीमत पर उपलब्ध वेटरनरी सर्जरी का खर्च पेरिस के संदीप कुमार को अपने डॉगी की सर्जरी के लिए भारत ले आया | 31 जनवरी को GADVASU के हॉस्पिटल में हुई क्रुसिएट लिगामेंट की सर्जरी के बाद संदीप कुमार का डॉगी अब पूरी तरह स्वस्थ है और 15 दिन में दौड़ने लगेगा| इस घटना ने देश में मौजूद वेटरनरी टूरिज्म की संभावनाओं को दर्शाया है और हमें इस दिशा में गंभीरता से सोचने के लिए प्रेरित किया है |

जालंधर के मूल निवासी संदीप कुमार जंगवाल वर्तमान में फ्रांस में रहते हैं | बुल टेरियर नस्ल की उनकी पालतू डॉगी ईवा एंटीरियर क्रुसिएट लिगामेंट रप्चर (anterior cruciate ligament rupture) की वजह से लंबे समय से लेमनेस का शिकार थी और उसे चलने-फिरने में बहुत दिक्कत होती थी | संदीप कुमार ईवा को उपचार के लिए फ्रांस के हॉस्पिटल में लेकर गए | यहाँ उन्हें ईवा के ईलाज का कुल खर्च 4500 यूरो (3.22 लाख रूपए) बताया गया| फ्रांस में ईलाज का खर्च अधिक देख संदीप कुमार ने ईवा का उपचार भारत में कराने का निर्णय लिया और वे ईवा को पेरिस से लेकर भारत आ गए| भारत में लुधियाना स्थित गुरु अंगद देव वेटरनरी यूनिवर्सिटी (GADVASU) के हॉस्पिटल में मात्र 800 रूपए के शुल्क में ईवा का ऑपरेशन सफलतापूर्वक हो गया |दवाओं एवं पोस्ट ऑपरेटिव केयर का खर्च जोड़कर भी ईवा के उपचार का कुल खर्च दस हजार रूपए से कम रहा| संदीप कुमार ने बताया कि ईवा के ट्रांसपोर्टेशन पर 50,000 रूपए का खर्च आया है |

संदीप कुमार GADVASU में हुए ईवा के उपचार से तो बहुत खुश हैं, पर ईवा को भारत लाने में इमीग्रेशन के दौरान हुई परशानीयों से खासे खफा हैं| उन्होंने कहा कि वे जब अपने पेट्स को लेकर अमेरिका या अन्य देशों में जाते हैं तो उन्हें इस तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता |

ईवा की सर्जरी करने वाले GADVASU के सर्जरी डिपार्टमेंट में एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ अरुण आनंद ने पशु सन्देश से चर्चा में बताया कि आज हमारे देश में विश्व स्तरीय पशु चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध हैं| हमारे यहाँ पशु चिकित्सा का खर्च विकसित राष्ट्रों की तुलना में लगभग 25 से 30 प्रतिशत है| ऐसी स्थिति में भारत वेटरनरी टूरिज्म के अच्छे केंद्र के रूप में उभर सकता है | अब सरकार को पेट्स के इमीग्रेशन की प्रक्रिय को सरल बनाना चाहिए जिससे देश में वेटरनरी टूरिज्म को बढ़ावा मिल सके|  

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