मुर्गी पालन में प्रकाश का महत्व

Pashu Sandesh, 24 April 2026

दीपिका डायना जेस्से, ज्योत्सना शक्करपूड़े, मधू शिवहरे, मनोज कुमार अहिरवार, अर्चना जैन, कविता रावत, श्वेत राजोरिया, नवल सिंह रावत एवं रंजीत आइच 

पशु शरीर क्रिया विज्ञान विभाग, पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय, महू 

मुर्गी पालन भारत में एक लाभदायक व्यवसाय है, जिसे कम लागत में एवं छोटे स्तर से शुरू किया जा सकता है | ब्रॉइलर और देसी मुर्गी दोनों ही मुर्गी पालन के लिए अच्छे चुनाव हो सकते हैं, वहीं अंडे के लिए आप लेयर को रख सकते हैं | मुर्गी पालन में मुर्गियों के विकास (growth), प्रजनन (reproduction) एवं अंडे देने की दर (अंडा उत्पादन) में प्रकाश की प्रमुख भूमिका होती है | मुर्गियों में उचित प्रकाश लगभग 14 -16 घंटे होने चाहिए जो की अंडे के उत्पादन को बढ़ता है | प्रकाश अमूमन मुर्गियों में जैविक घड़ी को नियंत्रित करता है, तनाव को कम करता है और आँखों के माध्यम से हार्मोनल बदलाव को उत्तेजित करता है | 

अंडा उत्पादन में प्रकाश की अवधि बढ़ाने से अण्डोत्सर्ग (ovulation) के लिए हॉर्मोन सक्रिय होते हैं जिससे उत्पादन में वृद्धि देखने को मिलती है। ऐसा देखा गया है की प्रकाश से मुर्गियों में सक्रियता आती है और वह आक्रामक व्यवहार (जैसे चोंच मारना) कम करती है , जिससे यह कहा जा सकता है की मुर्गियों के व्याहवार में सुधार होता है । पर्याप्त प्रकाश उपलब्ध होने से मुर्गियों को तनाव रहित रखा जा सकता है । सूर्य की uv किरणे कीटाणुनाशक का कार्य करती है जिससे बीमारियाँ कम होती है और स्वास्थ का विकास होता है । उचित प्रकाश से मुर्गियों को भोजन और पानी ढूंढने में आसानी होती है, सही प्रकाश तीव्रता और रंग (जैसे- लाल रोशनी) मुर्गियों को भोजन और पानी के लिए प्रोत्साहित करते हैं, जिससे वे तेजी से बढ़ती हैं। । कुछ शोध ऐसा बताते हैं की उत्पादन के अनुसार प्रकाश के रंग का भी असर होता है जैसे अंडे देने वाली मुर्गियों के लिए लाल रंग उचित मन गया है, प्रजनन के लिए लाल रोशनी अच्छी मानी जाती है। वहीं नीला और हरा रंग फायदेमंद होता है ब्रॉइलर (मांस) मुर्गियों के विकास के लिए ।     

कुछ बातें ध्यान देने योग्य 

प्रकाश की अवधि लगभग 14-16 घंटे की होनी चाहिए, जिसमें प्राकृतिक सूर्य का प्रकाश और कृत्रिम रोशनी दोनों शामिल हों, उत्पादन को अधिकतम करने के लिए अनुशंसित है। मुरगईघर में प्रकाश समान रूप से फैला हिन चाहिए । एलईडी (LED) बल्ब बेहतर होते हैं क्योंकि वे कम ऊर्जा का उपयोग करते हैं और कम रोशनी के स्तर पर भी प्रभावी होते हैं। प्रकाश का उचित प्रबंधन, विशेषकर अंडा देने वाली मुर्गियों (layers) के लिए, 16-18 घंटे के दिन की अवधि (प्राकृतिक + कृत्रिम) अंडे देने की दर को अधिकतम करती है। प्रकाश सीधे मुर्गियों की परिपक्वता और विकास से जुड़े हार्मोन स्राव को प्रभावित करता है। चूजों का बेहतर विकास के लिए 1-2 सप्ताह में 20-30 लक्स की तीव्र रोशनी चूजों को पानी और चारे की ओर आकर्षित करने और प्रारंभिक विकास के लिए जरूरी है। मुर्गियों को 24 घंटे में कुछ समय का अंधेरा भी मिलना चाहिए, जो उनके विकास और स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। उचित प्रकाश व्यवस्था न केवल पक्षियों के कल्याण में सुधार करती है, बल्कि उत्पादकता बढ़ाकर लाभ (profit) भी बढ़ाती है।