अमित शाह ने कोलकाता में किया विश्व के सबसे बड़े दही उत्पादन संयंत्र का भूमि पूजन

Pashu Sandesh, 19 July 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन और ‘श्वेत क्रांति 2.0’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह ने आज कोलकाता के न्यू टाउन कन्वेंशन सेंटर में आयोजित समारोह में अमूल बंगाल डेयरी परियोजना के अंतर्गत विश्व के सबसे बड़े दही उत्पादन संयंत्र का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री  सुवेंदु अधिकारी, गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष  शंकरभाई चौधरी, पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव  मनोज कुमार अग्रवाल और अमूल डेयरी के अध्यक्ष  अशोक चौधरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति तथा सहकारी क्षेत्र के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में शाह ने कहा कि आज 18,600 से अधिक ग्रामीण दुग्ध सहकारी समितियाँ अमूल के साथ जुड़ी हुई हैं और देश के लगभग प्रत्येक राज्य में अमूल के उत्पाद पहुँच रहे हैं। उन्होंने अमूल के उत्पादों का उपयोग करने वाले प्रत्येक नागरिक से कहा कि जब कोई उपभोक्ता अमूल के उत्पादों पर 100 रुपये खर्च करता है, तो उसमें से लगभग 87 रुपये सीधे किसान और पशुपालक के पास पहुँचते हैं।
उन्होंने कहा कि यह पैसा किसी उद्योगपति अथवा बड़े कारोबारी के पास नहीं जाता। अमूल के कुल कारोबार का लगभग 87 प्रतिशत हिस्सा पूरी पारदर्शिता के साथ सीधे पशुपालकों के बैंक खातों में जमा होता है। यही सहकारिता का वास्तविक मॉडल है, जिसमें उत्पादन करने वाले व्यक्ति को ही व्यवसाय का सर्वाधिक लाभ प्राप्त होता है।
अमूल द्वारा पश्चिम बंगाल के हावड़ा फूड पार्क में लगभग 700 करोड़ रुपये के निवेश से अमूल बंगाल डेयरी परियोजना स्थापित की जा रही है। परियोजना के पूर्ण रूप से परिचालित होने पर यहाँ प्रतिदिन लगभग 30 लाख लीटर दूध का प्रसंस्करण किया जा सकेगा। संयंत्र में प्रतिदिन लगभग 1,000 मीट्रिक टन, अर्थात 10 लाख किलोग्राम दही एवं अन्य कल्चर्ड डेयरी उत्पादों के उत्पादन की क्षमता होगी। इस क्षमता के साथ यह विश्व का सबसे बड़ा दही उत्पादन संयंत्र होगा। परियोजना की प्रतिदिन की प्रस्तावित उत्पादन क्षमता में 10 लाख लीटर पैकेज्ड दूध, दो लाख लीटर UHT दूध, एक लाख लीटर आइसक्रीम, 20 मीट्रिक टन पनीर, 10 मीट्रिक टन घी और 10 मीट्रिक टन मिठाइयों का उत्पादन शामिल है। इसके अतिरिक्त, संयंत्र में प्रतिदिन लगभग 2.5 लाख पैक फ्लेवर्ड मिल्क का उत्पादन भी किया जा सकेगा।
अपने संबोधन में अमित शाह ने बताया कि सहकारिता आंदोलन के माध्यम से बंगाल के किसानों को समृद्ध बनाने के उद्देश्य से उन्होंने मुख्यमंत्री श्री सुवेंदु अधिकारी को एक पत्र लिखा था। मुख्यमंत्री की कार्य करने की गति देखकर वे स्वयं भी आश्चर्यचकित रह गए। उनका ई-मेल शाम को पहुँचा और उसी दिन रात नौ बजे तक पश्चिम बंगाल सरकार ने एक Liaison Officer नियुक्त करके उत्तर भेज दिया कि यह अधिकारी सहकारिता मंत्रालय के साथ समन्वय करेगा।

 

 

  •