द वेटर्नरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (VAI) ने विश्व पशु दिवस पर की करुणा और विज्ञान-आधारित पशु कल्याण की अपील

Pashu Sandesh, 05 October 2026

(अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार में पशु कल्याण के वैज्ञानिक आधार और जीवन की गुणवत्ता सुधारने के लिए उनके दर्द को कम करने के महत्व पर दिया गया ज़ोर)

लेखक: डॉ. आर. बी. चौधरी

*हैदराबाद (तेलंगाना), 5 अक्टूबर, 2026:* द वेटर्नरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (VAI) ने 04 अक्टूबर 2026 को 'विश्व पशु दिवस' के अवसर पर एक अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार एवं कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पशु कल्याण को समाज और पशु चिकित्सकों की एक साझी ज़िम्मेदारी के रूप में रेखांकित करना था। ज़ूम (Zoom) प्लेटफॉर्म के माध्यम से शाम 6:40 बजे से 8:40 बजे (IST) तक आयोजित इस ऑनलाइन कार्यक्रम का मुख्य विषय *"अद्वान्सिंग एनिमल वेलफेयर: कम्पैशन, केयर एंड क्वालिटी ऑफ लाइफ"* (पशु कल्याण की उन्नति: करुणा, देखभाल और जीवन की गुणवत्ता) था।

इस कार्यक्रम का आयोजन वर्ल्डवाइड वेटर्नरी सर्विस (WVS), वेटनेट (Vetnet) और मिशन रेबीज़ (Mission Rabies) के सहयोग से किया गया। इसने प्रतिभागियों को मुख्य वक्ताओं के व्याख्यानों, प्रश्नोत्तर और चर्चा के माध्यम से विषय-विशेषज्ञों के साथ जुड़ने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान किया।

*वैज्ञानिक दृष्टिकोण और संवैधानिक दायित्व पर बल*

कार्यक्रम के प्रथम मुख्य वक्ता, भारतीय पशु चिकित्सा परिषद (Veterinary Council of India) के संस्थापक सचिव *प्रो. (डॉ.) रमा कुमार वी.* ने "साइंटिफिक बेसिस ऑफ एनिमल वेलफेयर" (पशु कल्याण का वैज्ञानिक आधार) विषय पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने वैज्ञानिक समझ, करुणा और ज़िम्मेदार पशु देखभाल के बीच के संबंधों की गहराई से व्याख्या की। उन्होंने अपने प्रस्तुतीकरण में सभी जीवों के प्रति दया भाव रखने की भारत की समृद्ध परंपराओं और इस संदर्भ में हमारे संवैधानिक दायित्वों पर विशेष प्रकाश डाला। उल्लेखनीय है कि प्रो. रमा कुमार SKUAST (जम्मू और कश्मीर) के पशु चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा विभाग के पूर्व अध्यक्ष तथा इंडियन सोसाइटी फॉर वेटर्नरी सर्जरी के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

*दर्द की पहचान और जीवन की बेहतर गुणवत्ता*

कार्यक्रम की दूसरी मुख्य वक्ता *डॉ. अनाहिता कुमार* (क्लिनिकल डायरेक्टर, WVS होप ITC, महाराष्ट्र एवं WVS टास्कफोर्स मैनेजर, भारत) ने "बियॉन्ड सर्वाइवल: रिकॉग्नाइजिंग एंड रिलीविंग एनिमल सफरिंग टू इम्प्रूव क्वालिटी ऑफ लाइफ" विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने पशुओं में दर्द और तनाव के सूक्ष्म संकेतों को पहचानने, संरचित दर्द आकलन और जीवन की गुणवत्ता के मूल्यांकन के तरीकों को अपनाने तथा उपचार के साथ-साथ नर्सिंग देखभाल, अनुकूल वातावरण व कोमल व्यवहार को शामिल करने पर बल दिया। उन्होंने गंभीर बीमारियों, उपशामक देखभाल (पैलिएटिव केयर) और पशु कल्याण केंद्रित निर्णयों पर चर्चा करते हुए कहा कि पशु चिकित्सा देखभाल को शारीरिक आराम के साथ-साथ पशुओं की भावनात्मक भलाई को भी प्राथमिकता देनी चाहिए।

पंजाब सरकार के पशुपालन विभाग के पूर्व निदेशक *डॉ. जी. एस. बेदी* ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

*मार्गदर्शन एवं सफल संयोजन*

इस आयोजन को VAI के संस्थापक अध्यक्ष एवं मुख्य संरक्षक *डॉ. राजेश कुमार सिंह, VAI के अध्यक्ष एवं सह-मुख्य संरक्षक **डॉ. जितेन्द्र सिंह, VAI के महासचिव एवं संरक्षक **कैप्टन (डॉ.) जी. धनंजय राव* तथा VAI के मुख्य सलाहकार एवं सह-संरक्षक *कर्नल (डॉ.) ए. एस. राठौर* का कुशल मार्गदर्शन और समर्थन प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम का सफल समन्वय VAI के राष्ट्रीय संयोजक एवं आयोजन सचिव *डॉ. राधाकृष्ण पुलिकंती* तथा ICAR-IARI (गोगामुख, असम) के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं सह-आयोजन सचिव *डॉ. ए. के. श्रीवास्तव* द्वारा किया गया।

कार्यक्रम का संचालन *प्रो. (डॉ.) एम. किशन कुमार* (निदेशक - विस्तार, PVNRTVU एवं उपाध्यक्ष, VAI तेलंगाना चैप्टर) तथा *डॉ. वी. विजया लक्ष्मी* (पशु चिकित्सा सहायक सर्जन, पशु जैविक अनुसंधान संस्थान, तेलंगाना एवं राज्य संयोजक, महिला वेटर्नरियन फोरम, VAI तेलंगाना चैप्टर) ने संयुक्त रूप से किया।

भारत सरकार के भारतीय पशु कल्याण बोर्ड के पूर्व सहायक सचिव व मुख्य संपादक तथा 'पशु मित्र' एनिमल वेलफेयर साइंस जर्नल के मुख्य संपादक *डॉ. आर. बी. चौधरी* ने प्रश्नोत्तर और परिचर्चा सत्र का संचालन (मॉडरेशन) किया।

निर्धारित उपस्थिति और मापदंडों को पूरा करने वाले प्रतिभागियों को इस कार्यक्रम के माध्यम से *2 निरंतर पशु चिकित्सा शिक्षा (CVE) क्रेडिट घंटे* प्रदान किए गए। VAI ने करुणा आधारित और साक्ष्य-संचालित पशु देखभाल की जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए अपने सभी वक्ताओं, नेतृत्वकर्ता, आयोजकों, मंच संचालकों, मॉडरेटर, सहयोगी संस्थाओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

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